सोनीपत , अचल वार्ता । हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को सुधारने और धरातलीय स्थिति को मजबूत करने के लिए पूरी तरह एक्शन मोड में हैं। इसी कड़ी में बुधवार को शिक्षा मंत्री ने सोनीपत जिले के गन्नौर क्षेत्र के दातौली गांव स्थित पीएम जीजीएसएसएस का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्कूल परिसर की साफ-सफाई, बुनियादी सुविधाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया।
विद्यार्थियों से बातचीत कर जानी समस्याएं
स्कूल पहुंचे शिक्षा मंत्री ने न केवल भौतिक व्यवस्थाओं को जांचा, बल्कि कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों से सीधा संवाद भी स्थापित किया। उन्होंने छात्रों से पढ़ाई के स्तर, शिक्षकों की उपस्थिति, पठन-पाठन की सामग्री और स्कूल में मिलने वाली सुविधाओं को लेकर खुलकर बात की। मंत्री ने विद्यार्थियों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और अधिकारियों को निर्देश दिए कि छात्रों की हर जरूरत और समस्या का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए।
धरातल पर उतरकर व्यवस्थाएं जांचने की अनूठी पहल
प्रदेश के इतिहास में यह पहली बार देखने को मिल रहा है जब कोई शिक्षा मंत्री स्वयं ग्राउंड स्तर पर उतरकर सरकारी स्कूलों और कॉलेजों की व्यवस्थाओं की सीधी मॉनिटरिंग कर रहा है। मंत्री महीपाल ढांडा का मानना है कि केवल कार्यालयों में बैठकर नीतियां बनाने से जमीनी बदलाव संभव नहीं है, बल्कि उसके लिए खुद मौके पर जाकर कमियों को देखना और सुधार करना आवश्यक है। उनके इस आक्रामक और संवेदनशील कार्यशैली की आम जनमानस और अभिभावकों के बीच सराहना हो रही है।
11 दिनों में कई शिक्षण संस्थानों का कर चुके हैं निरीक्षण
शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने का यह अभियान लगातार जारी है। पिछले 11 दिनों के भीतर शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा कई प्रमुख शिक्षण संस्थानों का औचक दौरा कर चुके हैं। इससे पहले वे पंचकूला के राजकीय कॉलेज, बसताड़ा के राजकीय महिला कॉलेज, पानीपत के सेक्टर-18 स्थित राजकीय कॉलेज और पानीपत के निजामपुर गांव स्थित राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल का भी गहन निरीक्षण कर चुके हैं।
शिक्षकों और अधिकारियों को दिए निर्देश
निरीक्षण के दौरान शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकारी शिक्षण संस्थानों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अध्यापकों को निष्ठापूर्वक पढ़ाने और स्कूलों में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों व कॉलेजों में ऐसा माहौल तैयार करना है, जिससे गरीब से गरीब बच्चे को भी गुणवत्तापूर्ण और विश्वस्तरीय शिक्षा मिल सके।