बाल विवाह रोकथाम अभियान तेज

अक्षय तृतीया से पहले पौड़ी गढ़वाल में बाल विवाह रोकथाम अभियान तेज किया गया है। 1200 से अधिक छात्र-छात्राओं को बाल अधिकारों और कानूनों के प्रति जागरूक किया गया है।

Apr 19, 2026 - 17:30
Apr 19, 2026 - 17:36
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बाल विवाह रोकथाम अभियान तेज

पौड़ी , अचल वार्ता । अक्षय तृतीया के दृष्टिगत जनपद पौड़ी गढ़वाल में बाल विवाह रोकथाम हेतु व्यापक जन-जागरूकता अभियान प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में जिला प्रशासन, जिला परिवीक्षा अधिकारी/जिला बाल संरक्षण अधिकारी अरविंद कुमार के नेतृत्व में यह अभियान बहुस्तरीय स्तर पर आगे बढ़ रहा है। जिला बाल संरक्षण इकाई, बाल कल्याण समिति एवं चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के संयुक्त तत्वावधान में विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को उनके अधिकारों, संबंधित कानूनों एवं सुरक्षा तंत्र के प्रति जागरूक किया जा रहा है। अब तक अभियान के अंतर्गत 1200 से अधिक छात्र-छात्राओं को जागरूक किया जा चुका है । अभियान के प्रथम चरण में यमकेश्वर एवं पाबौ क्षेत्र के विद्यालयों में कार्यक्रम आयोजित कर बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 तथा इसके दुष्परिणामों की जानकारी दी गई। द्वितीय चरण में राजकीय कन्या इंटर कॉलेज, श्रीनगर तथा सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, जानकीनगर कोटद्वार में बाल विवाह, पॉक्सो अधिनियम 2012 एवं किशोर न्याय अधिनियम 2015 पर संवादात्मक कार्यक्रम आयोजित किए गए। साथ ही तृतीय चरण में राजकीय कन्या इंटर कॉलेज, थलनदी (यमकेश्वर) एवं कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, त्रिपालीसैंण में छात्राओं को बाल अधिकारों, सुरक्षा सेवाओं एवं कानूनों की जानकारी देते हुए उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। अभियान के दौरान बाल विवाह के दुष्परिणाम, बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006, पॉक्सो अधिनियम 2012, किशोर न्याय अधिनियम 2015 एवं चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 जैसे विषयों पर विशेष फोकस किया जा रहा है। जिला परिवीक्षा अधिकारी अरविंद कुमार ने कहा कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक कुरीति है, जिसे समाप्त करने के लिए समाज के सभी वर्गों की सक्रिय सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जागरूकता ही इस कुप्रथा के उन्मूलन का सबसे प्रभावी माध्यम है। जनपद में संचालित यह अभियान बाल अधिकारों की सुरक्षा की दिशा में एक सशक्त पहल है। जिला प्रशासन द्वारा ऐसे कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखने का निर्णय लिया गया है, ताकि समाज को बाल विवाह जैसी कुरीतियों से मुक्त किया जा सके।

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