हरियाणा खेल विश्वविद्यालय में उत्साह और उमंग के साथ हुआ दीक्षारंभ समारोह
राई, सोनीपत , अचल वार्ता । हरियाणा खेल विश्वविद्यालय के सभागार में सोमवार को नवप्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागत एवं उनके विश्वविद्यालयी जीवन की नई यात्रा के शुभारंभ के अवसर पर दीक्षारंभ समारोह का भव्य आयोजन किया गया। समारोह में भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। इस अवसर पर प्रख्यात अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों एवं ओलंपिक-पैरालंपिक पदक विजेताओं श्री अखिल कुमार, ओलंपियन बॉक्सर; श्री योगेश्वर दत्त, ओलंपिक पदक विजेता; तथा श्री सुमित अंतिल, पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के तिलक एवं स्वागत के साथ हुआ। इसके पश्चात अतिथियों एवं विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों द्वारा दीप प्रज्वलन किया गया। समारोह में विद्यार्थियों ने हरियाणवी संस्कृति की जीवंत झलक प्रस्तुत करते हुए शानदार हरियाणवी नृत्य तथा योग का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। इन प्रस्तुतियों ने सभागार में उपस्थित सभी अतिथियों एवं विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव ने स्वागत संबोधन प्रस्तुत करते हुए मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों, विद्यार्थियों, अभिभावकों तथा विश्वविद्यालय परिवार का अभिनंदन किया। उन्होंने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, खेल एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
समारोह के दौरान विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए ओलंपियन बॉक्सर श्री अखिल कुमार ने कहा कि सफलता के लिए अनुशासन, स्पष्ट लक्ष्य और निरंतर मेहनत अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने लक्ष्य के प्रति पूरी तरह स्पष्ट रहें, असफलताओं से घबराने के बजाय उनसे सीखें और खेल भावना को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी के लिए मैदान के साथ-साथ जीवन में भी अनुशासन और सकारात्मक सोच महत्वपूर्ण है।
ओलंपिक पदक विजेता श्री योगेश्वर दत्त ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि “आप देश का भविष्य हैं।” उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि विश्वविद्यालय में बिताया समय केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित न रहे, बल्कि वे अपने व्यक्तित्व, खेल कौशल और नेतृत्व क्षमता का विकास करें। उन्होंने कहा कि देश को ऐसे युवाओं की आवश्यकता है जो अपने प्रदर्शन से न केवल राष्ट्रीय स्तर पर बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी भारत का गौरव बढ़ाएं।
पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता श्री सुमित अंतिल ने अपने जीवन और खेल यात्रा से प्रेरणा लेते हुए विद्यार्थियों को दृढ़ इच्छाशक्ति, आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी चुनौतीपूर्ण क्यों न हों, यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास ईमानदार हो तो कोई भी बाधा सफलता की राह में स्थायी रुकावट नहीं बन सकती। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखते हुए उत्कृष्टता की ओर निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
हरियाणा खेल विश्वविद्यालय के कुलपति श्री अशोक कुमार (सेवानिवृत्त आईपीएस) ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय में प्रवेश के साथ वे जीवन के एक नए चरण में प्रवेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के इस नए अनुभव और अवसर का उपयोग अच्छे कार्यों, सकारात्मक सोच और अपने व्यक्तित्व के निर्माण के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि उनके सामने कई नए करियर विकल्प और संभावनाएं तैयार खड़ी हैं और उन्हें अपनी रुचि, क्षमता एवं प्रतिभा के अनुरूप अपने भविष्य का निर्माण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी केवल देश में ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का परचम लहराने के लिए स्वयं को तैयार करें।
कुलपति महोदय ने विद्यार्थियों को खेल और शिक्षा के बीच संतुलन स्थापित करने, अनुशासन को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने तथा विश्वविद्यालय में उपलब्ध संसाधनों और अवसरों का अधिकतम उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हरियाणा खेल विश्वविद्यालय का उद्देश्य ऐसे विद्यार्थियों को तैयार करना है जो खेल के साथ-साथ शिक्षा, नेतृत्व, अनुसंधान और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान दे सकें।
मुख्य अतिथि डॉ. अर्चना गुप्ता ने सभी नवप्रवेशित विद्यार्थियों का आत्मीयता एवं गरिमापूर्ण शब्दों में स्वागत करते हुए उन्हें उनके नए शैक्षणिक एवं खेल जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हरियाणा की धरती ने देश को अनेक महान खिलाड़ी दिए हैं और यहां के युवाओं में प्रतिभा, परिश्रम तथा आगे बढ़ने का अद्भुत जज्बा है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने लक्ष्य को ऊंचा रखने, अपनी प्रतिभा का सदुपयोग करने तथा अपने प्रदर्शन के माध्यम से परिवार, विश्वविद्यालय और देश का नाम रोशन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व, आत्मविश्वास और राष्ट्रनिर्माण की भावना विकसित करने का सशक्त माध्यम भी है।
समारोह के दौरान गत सत्रों के पदक विजेता विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के चेक प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए अतिथियों के साथ संवाद भी किया।
कार्यक्रम के अंत में प्रो. अशोक शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों, कुलपति, कुलसचिव, विश्वविद्यालय प्रशासन, शिक्षकों, प्रशिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर हरियाणा खेल विश्वविद्यालय एवं मोतीलाल नेहरू खेलकूद विद्यालय के समस्त शिक्षण, कोचिंग एवं प्रशासनिक स्टाफ के साथ-साथ विद्यार्थी उपस्थित रहे। समारोह ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों में नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने का संकल्प पैदा किया।
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