अयोध्या: वेद भाष्यकार स्मृतिशेष डॉ0 देवीसहाय पाण्डेय"दीप" की पुण्य-तिथि पर आयोजित हुई काव्य-गोष्ठी
अयोध्या, अचल वार्ता। महामहिम राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित विभिन्न काव्यग्रन्थों के रचयिता एवं वेद भाष्यकार स्मृतिशेष डॉ0 देवीसहाय पाण्डेय "दीप" की प्रथम पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा एवं काव्य-गोष्ठी आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता कामता प्रसाद सुन्दरलाल साकेत स्नातकोत्तर महाविद्यालय अयोध्या के पूर्व हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ0 जनार्दन उपाध्याय ने की।
इस कार्यक्रम का आयोजन उनके ज्येष्ठ पुत्र मनीष कुमार पाण्डेय द्वारा किया गया। कार्यक्रम के संयोजक शैलेन्द्र पाण्डेय "मासूम" ने सभी आगंतुकों का स्वागत किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में स्मृतिशेष डा0 देवी सहाय पाण्डेय "दीप" के चित्र पर पुष्प चढ़ाकर सभी लोगों ने उनके प्रति श्रद्धांजलि अर्पित किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अन्तर्राष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय अयोध्या के निदेशक डॉ0 संजीव कुमार सिंह ने अपने सम्बोधन में कहा कि ऐसे मनीषी साहित्यकार,वेद भाष्यकार की पुण्यतिथि पर मैं उनके प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। मेरी जब उनसे पहली मुलाकात हुई थी तभी उनके व्यक्तित्व ने मुझ पर अमिट छाप डाल दी है जो जीवन भर भुलाई नहीं जा सकती है।
कार्यक्रम में शिव हर्ष किसान पीजी कॉलेज बस्ती के प्रोफेसर डा0 रघुवंशमणि त्रिपाठी ने उनके जीवन के विभिन्न संस्मरण सुनाते हुए "डॉ" दीपक जी को साहित्य का महारथी बताया। कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ जनार्दन उपाध्याय ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि डा0 दीप जी जितने सौम्य स्वभाव के थे उतने ही क्रोधी भी थे लेकिन उनकी विद्वता में कोई कमी नहीं थी।वरिष्ठ समाजसेवी सम्पूर्णानन्द बाजपेई "बागी" ने स्मृतिशेष डॉ0 दीप जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व की चर्चा करते हुए उन्हें देश का गौरव बताया और कहा कि चारों वेदों की सरल से सरल भाषा में व्याख्या करने वाले वे पहले साहित्यकार रहें हैं।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में काव्य गोष्ठी की शुरुआत कवियत्री श्रीमती कल्पना तिवारी द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वन्दना के साथ हुई। उन्होंने अपनी कई रचनाएं भी प्रस्तुत कीं। प्रख्यात कवि अशोक टाटम्बरी,राजीव 'मतवाला', वेद प्रकाश "प्रचंड",श्रीमती कात्यायनी उपाध्याय, श्रीमती सुनीता पाठक"आभा", श्याम जी पाण्डेय "करुणेश",आनन्द शक्ति पाठक, रमणीक राजन, अजय उपाध्याय "विभोर", अनुकल्प मिश्रा तथा डा0 जनार्दन उपाध्याय ने अपनी अपनी-अपनी रचनाएं प्रस्तुत कर लोगों को आनन्दित किया।
इस कार्यक्रम में आए हुए सभी को अतिथियों,कवियों व साहित्यकारों को आयोजक मनीष कुमार पाण्डेय ने अंग वस्त्र ओढ़ाने के साथ-साथ स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया तथा डा0 देवी सहाय पाण्डेय "दीप" द्वारा स्वतंत्रता संग्राम के महानायक अमर शहीद चन्द्रशेखर आजाद के जीवन पर आधारित वीर रस में रचित काव्य-संग्रह की एक- एक प्रति सभी को भेंट की और सभी आगंतुकों के प्रति आभार ज्ञापित किया। कार्यक्रम का सफल संचालन ख्यातिलब्ध कवि वेद प्रकाश "प्रचन्ड" ने किया।
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