सोनीपत , अचल वार्ता । प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत फसल कटाई प्रयोगों की गुणवत्ता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संयुक्त निदेशक (भूमि प्रशिक्षण) डॉ. अश्विनी कुमार ने एक दिवसीय दौरे के दौरान जिला सोनीपत में फसल कटाई प्रयोगों का निरीक्षण किया। उन्होंने फील्ड में कार्यरत कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे फसल कटाई प्रयोगों को गंभीरता एवं सावधानीपूर्वक संपन्न करें, ताकि आंकड़ों की शुद्धता सुनिश्चित की जा सके।
निरीक्षण के दौरान डॉ. अश्विनी कुमार ने गन्नौर ब्लॉक के गांव लडसोली तथा राई ब्लॉक के गांव बहालगढ़ का दौरा किया। उन्होंने मौके पर पांच बाय पांच मीटर क्षेत्र में फसल कटाई प्रयोग करवाकर फसल की उत्पादकता का आकलन भी किया।
डॉ. अश्विनी कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ सीजन में धान, कपास, बाजरा एवं मक्का की फसलों के लिए प्रत्येक गांव में प्रत्येक बीमित फसल के चार-चार फसल कटाई प्रयोग करना अनिवार्य है। धान की फसल में स्मार्ट सैंपलिंग तथा अन्य फसलों में रैंडम नंबर प्रणाली के आधार पर खेतों का चयन किया जाता है। इस प्रक्रिया में पटवारी की भी सहायता ली जाती है।
उन्होंने बताया कि फसल कटाई प्रयोग के दौरान कृषि विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों, बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों तथा संबंधित किसानों की उपस्थिति में औसत पैदावार का आकलन किया जाता है। गांव स्तर पर एकत्रित किए गए आंकड़ों को ब्लॉक एवं जिला स्तर पर संकलित कर निदेशालय, पंचकूला भेजा जाता है। इन्हीं आंकड़ों के आधार पर किसानों के मुआवजे का निर्धारण किया जाता है।
उन्होंने निर्देश दिए कि सभी फसल कटाई प्रयोग मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन दर्ज किए जाएं, ताकि मौके पर ही आंकड़े अपलोड किए जा सकें और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।
इस अवसर पर कृषि विभाग से सहायक सांख्यिकी अधिकारी विनोद हुड्डा, खंड कृषि अधिकारी आनंद सिरोन, कृषि विकास अधिकारी दिनेश एवं विनयकांत सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।