लखीमपुर खीरी : खीरी में रेशम अभियान शुरू
लखीमपुर खीरी, अचल वार्ता। रेशम उत्पादन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने और पुराने रेशम कीट पालकों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने की पहल तेज हो गई है। जनपद में "मेरा रेशम, मेरा अभिमान" कार्यक्रम के तहत रेशम विकास की नई इबारत लिखने की तैयारी शुरू हो गई है।
केन्द्रीय रेशम बोर्ड, भारत सरकार के पाम्पोर स्थित संस्थान के सहयोग से कार्यालय उप निदेशक (रेशम) लखीमपुर खीरी में जिला स्तरीय रेशम हितधारकों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में 70 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिसमें बड़ी संख्या में महिला रेशम पालकों की भागीदारी रही।
कार्यक्रम का उद्देश्य रेशम कीट पालकों को बेहतर उत्पादन, गुणवत्तापूर्ण रेशम तैयार करने की तकनीक और विभागीय योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना रहा। साथ ही नए लोगों को रेशम उत्पादन से जोड़ने के लिए जागरूकता अभियान को गति देने पर जोर दिया गया।
बैठक में प्राथमिक रेशम सहकारी समितियों के अध्यक्ष, सचिव एवं सदस्यों के साथ ही एनआरएलएम समूहों के सदस्यों ने भी सहभागिता की। विशेषज्ञों ने रेशम उत्पादन से जुड़ी तकनीकी जानकारी साझा की और हितधारकों की समस्याओं के समयबद्ध समाधान का भरोसा दिलाया।
केन्द्रीय रेशम बोर्ड पाम्पोर के वैज्ञानिक-बी डा. विपिन दीक्षित और तकनीकी सहायक बस्ती आशीष कुमार ने रेशम विकास कार्यक्रमों, उन्नत तकनीक और उत्पादन बढ़ाने के उपायों की जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि जनपद के रेशम फार्मों और आसपास के गांवों में यह अभियान एक सप्ताह तक संचालित किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक रेशम पालकों तक योजनाओं और तकनीकी ज्ञान का लाभ पहुंच सके।
कार्यक्रम में उप निदेशक (रेशम) अरविन्द कुमार, सहायक रेशम विकास अधिकारी गोपाल चन्द्र, महेन्द्र शंकर, अनुरक्षक (रेशम उत्पादन) लालू प्रसाद सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
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