श्रुति हासन: स्टार किड से इंडस्ट्री की टैलेंटेड एक्ट्रेस और म्यूजिक डायरेक्टर तक का सफर
श्रुति हासन की फिल्म और म्यूजिक करियर की पूरी कहानी। स्टार किड से लेकर बॉलीवुड और साउथ सिनेमा की टैलेंटेड एक्ट्रेस और म्यूजिक डायरेक्टर बनने तक का सफर।
मुंबई | अचल वार्ता
मशहूर अभिनेता कमल हासन की बेटी श्रुति हासन सिर्फ एक स्टार किड नहीं हैं, बल्कि भारतीय सिनेमा की एक मेहनती और बहुमुखी टैलेंटेड आर्टिस्ट के तौर पर खुद को स्थापित कर चुकी हैं। 1986 में जन्मीं श्रुति ने अभिनय और संगीत दोनों में अपनी अलग पहचान बनाई है, और तमिल, तेलुगु और हिंदी सिनेमा में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है।
शिक्षा और शुरुआती जीवन
श्रुति ने चेन्नई के एबाकस मोंटेसरी स्कूल से अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी की और इसके बाद मुंबई के सेंट एंड्रयूज कॉलेज से साइकोलॉजी में डिग्री ली। बचपन से ही उन्हें संगीत और सिनेमा में गहरी रुचि थी, जिससे उन्हें आगे चलकर अमेरिका के कैलिफोर्निया म्यूजिशियंस इंस्टीट्यूट तक संगीत की औपचारिक ट्रेनिंग लेने का अवसर मिला।
बचपन से ही संगीत की शुरुआत
सिर्फ छह साल की उम्र में श्रुति ने अपने पिता की फिल्म थेवर मगन (1992) में पहला गाना गाया, जिसे इलैया राजा ने कंपोज किया था। इसके बाद उन्होंने हिंदी फिल्म चाची 420 (1997) में भी अपनी आवाज दी।
अभिनय में डेब्यू और दक्षिण सिनेमा में पहचान
साल 2000 में हे राम फिल्म में बाल कलाकार के रूप में अतिथि भूमिका निभाई और हिंदी व तमिल में टाइटल थीम “रामा रामा” गाई। वयस्क अभिनय में उनका डेब्यू 2009 में बॉलीवुड फिल्म ‘लक’ से हुआ।
दक्षिण भारतीय सिनेमा में उन्हें असली पहचान मिली तेलुगु फिल्म अनागनगा ओ धीरुडु (2011) से, जिसने उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड फॉर बेस्ट फीमेल डेब्यू साउथ दिलाया। इसके बाद रेस गुर्रम (2014) में शानदार अभिनय के लिए उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड फॉर बेस्ट एक्ट्रेस तेलुगु मिला। कुल मिलाकर उनके नाम तीन फिल्मफेयर अवॉर्ड्स सहित कई सम्मान दर्ज हैं।
हिंदी सिनेमा में भी नाम किया कमाल
श्रुति हासन ने हिंदी फिल्मों में डी-डे, रामैया वस्तावैया, गब्बर इज बैक, वेलकम बैक, रॉकी हैंडसम जैसी फिल्मों में काम किया। इनमें कुछ फिल्मों को समीक्षकों की सराहना मिली और कुछ बॉक्स ऑफिस पर सफल रहीं।
संगीत में भी अलग पहचान
श्रुति सिर्फ एक अभिनेत्री नहीं, बल्कि एक पार्श्व गायिका और म्यूजिक डायरेक्टर भी हैं। साल 2009 में उन्होंने अपने पिता के प्रोडक्शन उन्नैपोल ओरुवन से म्यूजिक डायरेक्टर के रूप में डेब्यू किया। इसके बाद उन्होंने अपना खुद का म्यूजिक तैयार किया और बैंड के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई।
श्रुति हासन का यह बहुआयामी करियर साबित करता है कि स्टार किड होना केवल शुरुआत है, लेकिन मेहनत, टैलेंट और लगन से ही स्थायी पहचान बनती है।
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