दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद CEC के खिलाफ विपक्ष और आक्रामक
नई दिल्ली , अचल वार्ता । मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मंगलवार को देश की राजधानी नई दिल्ली में जबर्दस्त सियासी बवाल देखने को मिला। विपक्षी 'INDIA' गठबंधन के बड़े नेताओं ने संसद भवन के मकर द्वार से निर्वाचन सदन (चुनाव आयोग मुख्यालय) की ओर पैदल मार्च निकाला। हालांकि, पुलिस ने रास्ते में ही बैरिकेडिंग लगाकर नेताओं को रोक दिया और भारी गहमागहमी के बीच समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव और ममता तृणमूल कांग्रेस (MTMC) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को हिरासत में ले लिया।वोटर लिस्ट में गड़बड़ी और बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए विपक्ष अब आर-पार की लड़ाई के मूड में है।अखिलेश का तंज- "ज्ञानेश कुमार खुद हाथों-हाथ अपना इस्तीफा सौंपेंगे"
पुलिस हिरासत के दौरान बस के भीतर से मीडिया से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने खासे तंजिया लहजे में कहा, "हमें हिरासत में लेकर कहीं दूर ले जाया जा रहा है। शायद ज्ञानेश कुमार के पास ही ले जा रहे हैं, ताकि वे खुद अपने हाथों से अपना इस्तीफा हमें सौंप सकें।"
वहीं, टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने साफ शब्दों में कहा, "सरकार ने हमें हिरासत में ले लिया है, लेकिन हमारी मांग बिल्कुल साफ है- ज्ञानेश कुमार को तुरंत अपना पद छोड़ना होगा।"
राहुल गांधी ने बैरिकेड पर चढ़कर फहराया तिरंगा
मार्च के दौरान उस वक्त गजब का नजारा देखने को मिला जब कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए पुलिस बैरिकेड पर जा चढ़े और हाथ में तिरंगा लहराने लगे।इसके तुरंत बाद राहुल गांधी ने अपने आधिकारिक 'X' हैंडल पर बेहद अनूठे अंदाज में पोस्ट किया, "ज्ञानेश इट्स डन ब्रो, टाइम टू रिजाइन"। राहुल का यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तुरंत वायरल हो गया, जिसे लोग बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान के उस चर्चित पोस्ट से जोड़कर देख रहे हैं, जो उन्होंने पूर्व शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के वक्त किया था।100 फर्जी फॉर्म भरे गए: अखिलेश यादव का चुनाव आयोग पर सीधा वार
अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर मिलीभगत का तीखा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बीजेपी चुनाव हारने के डर से बैरिकेडिंग के पीछे छिप रही है।
अखिलेश ने चुनौती देते हुए कहा, "अगर चुनाव आयोग इतना ही निष्पक्ष है तो ज्ञानेश कुमार बाहर आएं और जवाब दें कि नंदलाल निषाद के नाम पर किसके फर्जी दस्तखत हुए? दशरथ के नाम पर 100 फॉर्म किसने बनवाए? इसका जवाब कौन देगा? यह फर्जीवाड़ा समाजवादियों ने रंगे हाथों पकड़ा है।"सपा प्रमुख ने आगे कहा कि नियमानुसार कोई भी व्यक्ति 5 से ज्यादा वोट कटवाने या फॉर्म-7 जमा नहीं करा सकता, लेकिन यहां 100-100 फॉर्म फर्जी तरीके से भरकर निष्पक्ष मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख
विपक्ष का यह कड़ा रुख सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में हुई अहम सुनवाई के बाद और आक्रामक हो गया है। शीर्ष अदालत ने वोटर लिस्ट के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) मामले में केंद्र और चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है।
चीफ जस्टिस की पीठ ने साफ शब्दों में कहा है कि अगर यह साबित होता है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने बाकी दो चुनाव आयुक्तों को दरकिनार कर एकतरफा फैसले लिए हैं या फॉर्म-6 में बिना नियम कायदे के बदलाव किए हैं, तो अदालत उन सभी असंवैधानिक फैसलों को रद्द कर देगी। कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद से ही विपक्षी खेमे में हलचल तेज हो गई है।
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