लखीमपुर खीरी : डीएम ने युवाओं को दिलाई नशा मुक्ति की शपथ

Aug 6, 2026 - 17:10
 0  2
लखीमपुर खीरी : डीएम ने युवाओं को दिलाई नशा मुक्ति की शपथ

लखीमपुर खीरी, अचल वार्तानशे की जकड़न से दूर रहकर युवा अपनी ऊर्जा को राष्ट्र निर्माण में लगाएं। यही ऊर्जा विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत बनेगी। गुरुवार को वाईडी कॉलेज में आयोजित "नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत" कार्यक्रम में डीएम अंजनी कुमार सिंह ने युवाओं को यही संदेश दिया। मेरा युवा भारत (माई भारत) के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ डीएम ने प्राचार्य डॉ हेमंत पाल के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम का सफल संयोजन जिला युवा अधिकारी माय भारत संकल्प शुक्ला ने किया।

डीएम अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि नशा व्यक्ति की क्षमता, ऊर्जा और सकारात्मक सोच को कमजोर करता है। इससे बचने के लिए सबसे जरूरी है दृढ़ इच्छाशक्ति और मजबूत संकल्प। जो आदत आपको छिपाकर करनी पड़े, जो आपके आत्मसम्मान को प्रभावित करे और भविष्य को नुकसान पहुंचाए, उसे छोड़ देना ही समझदारी है।

उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि युवावस्था जीवन का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव है। इसी समय बड़े लक्ष्य तय कर उन्हें पूरा करने के लिए पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ मेहनत करनी चाहिए। नशा आपके उद्देश्य से भटका सकता है, इसलिए इससे हमेशा दूर रहें। यदि कोई युवा इसकी गिरफ्त में है तो वह मजबूत संकल्प लेकर इसे छोड़ सकता है।

 जब हौसले मजबूत और संकल्प अडिग होता है तो कोई भी बाधा लक्ष्य प्राप्ति के रास्ते में नहीं आ सकती। युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी ऊर्जा को सकारात्मक कार्यों में लगाएं और नशा मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा, जब देश का युवा स्वस्थ, जागरूक और जिम्मेदार होगा।

इस दौरान डीएम ने छात्र-छात्राओं को नशा मुक्त भारत की शपथ दिलाई। साथ ही नशा मुक्ति संकल्प दीवार पर संदेश लिखकर युवाओं को सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया। उन्होंने विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया।

निर्णायकों ने परखी युवाओं की प्रतिभा, रचनात्मक प्रस्तुतियों को सराहा

कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा के माध्यम से नशा मुक्ति का प्रभावी संदेश दिया। चित्रकला, नृत्य, संगीत, नुक्कड़ नाटक, वाद-विवाद, स्लोगन लेखन, लघु फिल्म और स्लैम पोएट्री जैसी प्रतियोगिताओं में युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।प्रतियोगिताओं के सफल आयोजन और प्रतिभागियों के मूल्यांकन के लिए 24 विशेषज्ञ निर्णायकों ने जिम्मेदारी निभाई। 

निर्णायक मंडल में राम मोहन गुप्त, अरविंद ओझा, शशि तिवारी, दीनानाथ झा, डॉ. रुचि रानी गुप्ता, प्रोफेसर हेमंत कुमार लाल, डॉ. ज्योति पंत, शालिनी दुबे, ममता श्रीवास्तव, सीमा टंडन और डॉ. मानवेंद्र यादव सहित अन्य विशेषज्ञ शामिल रहे। निर्णायकों ने प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों का बारीकी से मूल्यांकन करते हुए उनके प्रयासों और रचनात्मक सोच की सराहना की। कार्यक्रम में युवाओं ने "नशा मुक्त भारत, विकसित भारत" के संकल्प को मजबूत करने का संदेश दिया।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0