लखीमपुर खीरी: एडीजी की प्रेस वार्ता पर उठे सवाल
लखीमपुर खीरी, अचल वार्ता। जनपद की कानून-व्यवस्था की समीक्षा के लिए पहुंचे प्रवीण कुमार (एडीजी, लखनऊ जोन) ने पुलिस लाइन ग्राउंड में पत्रकारों के साथ प्रेस वार्ता की। इस दौरान डॉ. ख्याति गर्ग सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
मीडिया सेल की कार्यशैली पर उठे प्रश्न
प्रेस वार्ता से पहले ही मीडिया जगत में यह चर्चा तेज रही कि कार्यक्रम की सूचना पुलिस मीडिया सेल द्वारा आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप पर साझा नहीं की गई। आरोप है कि चुनिंदा पत्रकारों को व्यक्तिगत फोन कॉल के माध्यम से आमंत्रित किया गया, जबकि कई पत्रकारों को समय पर सूचना नहीं मिल सकी।
पत्रकारों में नाराजगी
सूचना को लेकर पत्रकारों में रोष देखा गया। सवाल उठाया जा रहा है कि जब अधिकृत मीडिया ग्रुप पहले से संचालित है तो महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की जानकारी उसी माध्यम से क्यों नहीं दी जाती। क्या आधिकारिक ग्रुप का उपयोग केवल प्रेस नोट और पुलिस के ‘गुडवर्क’ तक ही सीमित है?
पहले भी लग चुके हैं आरोप
सूत्रों के अनुसार, यह पहली बार नहीं है जब सूचना प्रसारण को लेकर भेदभाव के आरोप लगे हों। इससे पहले भी वरिष्ठ अधिकारियों की प्रेस वार्ताओं में सीमित दायरे में सूचना पहुंचाने की चर्चाएं होती रही हैं।
पारदर्शिता पर बहस
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में सूचना तंत्र की पारदर्शिता पर उठे इन सवालों ने मीडिया और पुलिस संबंधों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। पत्रकारों का कहना है कि सूचना का समान और समयबद्ध प्रसार लोकतांत्रिक व्यवस्था की मूल आवश्यकता है।
अब देखना यह है कि संबंधित अधिकारी इस विषय को कितनी गंभीरता से लेते हैं और भविष्य में सूचना तंत्र को अधिक पारदर्शी एवं निष्पक्ष बनाने की दिशा में क्या कदम उठाए जाते हैं।
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