पीलीभीत : पीटीआर में दो दिवसीय कार्यशाला शुरू, वन्यजीव रेस्क्यू की बारीकियां सिखाईं
पीलीभीत, अचल वार्ता। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के तत्वावधान में मंगलवार को वृत कार्यालय स्थित वन सभागार में दो दिवसीय क्षमता विकास कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन मुख्य वन संरक्षक रूहेलखंड जोन, बरेली पी.पी. सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
कार्यक्रम में प्रभागीय वनाधिकारी पीटीआर मनीष सिंह, प्रभारी निदेशक सातवां प्रभाग भरत कुमार डीके, उप प्रभागीय वनाधिकारी पीलीभीत/पूरनपुर रुद्र प्रताप सिंह, माला प्रभाग के उप प्रभागीय वनाधिकारी समेत दोनों वन प्रभागों के क्षेत्रीय वनाधिकारी व फील्ड कर्मचारी मौजूद रहे। टीएसएफ फाउंडेशन के डायरेक्टर डॉ. शैलेन्द्र सिंह सहित विशेषज्ञों की टीम ने प्रशिक्षण दिया। कार्यशाला में मगरमच्छ, घड़ियाल, अजगर, विभिन्न प्रजाति के सांप, कछुआ, गोह, वाइपर और करैत जैसे सरीसृपों के सुरक्षित रेस्क्यू की आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी गई।
इसके अलावा बाघ, तेंदुआ, भालू, सांभर, चीतल, बारहसिंगा, जंगली सूअर, नीलगाय, लकड़बग्घा और उदबिलाव जैसे वन्यजीवों के रेस्क्यू एवं उपचार की प्रक्रिया समझाई गई। सारस, चील, नीलकंठ, तीतर, बगुला, मुर्गाबी, पनडुब्बी और किंगफिशर समेत विभिन्न पक्षी प्रजातियों के संरक्षण और घायल अवस्था में उपचार के उपाय भी बताए गए। विशेषज्ञों ने मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति में त्वरित व सुरक्षित कार्रवाई पर जोर दिया। कार्यशाला का समापन बुधवार को व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्र के साथ होगा।
- शैलेन्द्र शर्मा
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