अम्बेडकर नगर: एमडीएम खाते से लाखों की निकासी पर सवाल, गैर अधिकृत व्यक्ति के जरिए भुगतान का आरोप

Feb 12, 2026 - 09:23
 0  1
अम्बेडकर नगर: एमडीएम खाते से लाखों की निकासी पर सवाल, गैर अधिकृत व्यक्ति के जरिए भुगतान का आरोप
सांकेतिक फोटो

जिस खंड शिक्षा अधिकारी पर जांच, वही बना विवेचक आईजीआरएस शिकायत की सुनवाई आज और खुद सुना खुद ही किया निस्तारण

तीन साल से जमे खंड शिक्षा अधिकारी पर फर्जी आख्या, कूटरचना और शिकायत दबाने के आरोप

अम्बेडकरनगर, अचल वार्ता। जिले के विकास खंड जहांगीरगंज स्थित ब्लॉक रिसोर्स सेंटर (बीआरसी) देवरिया बुजुर्ग एक बार फिर गंभीर आरोपों के घेरे में है। उच्च प्राथमिक विद्यालय नरियांव के मध्यान्ह भोजन (एमडीएम) खाते से वर्ष 2021 से मार्च 2025 के बीच तीन लाख रुपये से अधिक की धनराशि कथित रूप से एक गैर अधिकृत व्यक्ति द्वारा विभिन्न तिथियों में चेक के माध्यम से निकाले जाने की शिकायत सामने आई है।आरोप है कि जिस व्यक्ति के माध्यम से निकासी कराई गई वह न तो विद्यालय का कर्मचारी है, न अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता और न ही खाद्यान्न आपूर्ति से जुड़ा अधिकृत विक्रेता।

   ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर किसकी अनुमति और संरक्षण में सरकारी योजना की धनराशि का आहरण हुआ। यदि आरोप प्रमाणित होते हैं तो मामला वित्तीय अनियमितता और सरकारी धन के दुरुपयोग की श्रेणी में आ सकता है।जांच में अनियमितता सही, फिर भी कार्रवाई शून्य। ग्राम पंचायत मुबारकपुर पिकार निवासी पी.के. द्वारा उच्चाधिकारियों को दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि शिकायत के बाद जांच खंड शिक्षा अधिकारी को ही सौंप दी गई ।शिकायतकर्ता का दावा है कि एमडीएम खाते की जांच में अनियमितताएं सही पाई गईं, इसके बावजूद न तो कोई दंडात्मक कार्रवाई हुई और न ही जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की गई।

  आरोप यह भी है कि जांच प्रक्रिया को प्रभावहीन बनाकर पूरे प्रकरण को दबाने का प्रयास किया गया। यदि ऐसा हुआ है तो यह निष्पक्ष जांच की भावना के विपरीत माना जाएगा और प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। क्या गजब का खेल खेला गया आईजीआरएस शिकायत की सुनवाई, आरोपी ही बना जांचकर्ता शिकायतकर्ता के अनुसार आईजीआरएस शिकायत संख्या 40017826004191 की सुनवाई आज दिनांक 11 फरवरी 2026 को प्रस्तावित है। 

  आरोप है कि जिस अधिकारी के विरुद्ध जांच लंबित है, वही खंड शिक्षा अधिकारी संतोष पांडेय स्वयं विवेचक बनकर बीआरसी कार्यालय में बैठकर अपनी ही शिकायत की सुनवाई कर रहे हैं।यह स्थिति आरोपी ही जांचकर्ता वाली कहावत को चरितार्थ करती नजर आ रही है। शिकायतकर्ता ने इसे निष्पक्षता के सिद्धांतों के विपरीत बताते हुए उच्चस्तरीय स्वतंत्र जांच की मांग की है।तीन वर्षों से एक ही ब्लॉक में तैनाती, फर्जी आख्या व कूटरचना के आरोप,शिकायत में यह भी उल्लेख है कि खंड शिक्षा अधिकारी लगभग तीन वर्षों से एक ही विकास खंड में तैनात हैं। 

  आरोप है कि एमडीएम अनियमितताओं से संबंधित शिकायतों पर उच्चाधिकारियों को भ्रामक और तथ्यविहीन आख्या भेजी गई।इसके अतिरिक्त सेवा अभिलेखों में कूटरचना, एक ही अवधि में दो संस्थानों से संबद्धता दर्शाने तथा शिकायतकर्ताओं पर मानसिक दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि शिक्षा क्षेत्र जहांगीरगंज के अंतर्गत आने वाले प्राथमिक विद्यालयों, उच्च प्राथमिक विद्यालयों एवं कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में अनियमितताओं की शिकायत करने पर उल्टा शिकायतकर्ता को ही परेशान किया जाता है।प्रशासनिक चुप्पी से बढ़े सवाल

  मामला मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल तक पहुंचने के बावजूद अब तक किसी स्वतंत्र, उच्चस्तरीय और समयबद्ध जांच की घोषणा नहीं होने से जिलाधिकारी, जिला प्रशासन और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। जनहित से जुड़ी योजना में कथित गड़बड़ी के बावजूद जवाबदेही तय न होना पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लगा रहा है।

  शिकायतकर्ता ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी या उच्चस्तरीय समिति से कराई जाए तथा आरोप सिद्ध होने पर संबंधित अधिकारियों और अन्य दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।अब निगाहें शासन और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं कि क्या इस बहुचर्चित प्रकरण में जवाबदेही तय होगी या मामला फाइलों में ही सिमट कर रह जाएगा। और वही कमियां को दबाने और छिपाने में जूटा शिक्षा विभागशिक्षा विभाग में कथित अनियमितताओं को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है और भ्रष्टाचार चरम पर होने की बातें जनमानस में उठने लगी हैं।

 

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0