अयोध्या: SIR के बाद 72,971 मतदाताओं को नोटिस भेजने की तैयारी, चुनाव आयोग पर उठे गंभीर सवाल : हामिद जाफर मीसम
अयोध्या में SIR के बाद 72,971 मतदाताओं को नोटिस भेजने की तैयारी पर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप। हामिद जाफर मीसम ने मतदाता सूची में गड़बड़ी और वोट कटने की साजिश का लगाया आरोप।
अयोध्या, अचल वार्ता। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद अयोध्या महानगर के लगभग 300 बूथों पर 72,971 (बहत्तर हजार नौ सौ इकहत्तर) मतदाताओं को नोटिस भेजने की तैयारी को लेकर चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस पूरे मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के निवर्तमान महानगर महासचिव हामिद जाफर मीसम ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर कड़ा ऐतराज जताया है।
हामिद जाफर मीसम ने आरोप लगाया कि अयोध्या महानगर के सभी बूथों के मतदाताओं की मैपिंग वर्ष 2003 के अनुसार पहले ही पूरी हो चुकी थी, इसके बावजूद बड़े पैमाने पर मतदाताओं को नोटिस भेजे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की वेबसाइट पर पहले जो स्कैन की गई मतदाता सूची डाली गई थी, उसमें आयु संबंधी विवरण सही था, लेकिन बाद में जब टाइप की गई नई सूची अपलोड की गई तो उसमें मतदाताओं व उनके पिता/दादा की उम्र गलत दर्ज कर दी गई।
उन्होंने कहा कि मतदाताओं ने पुरानी स्कैन सूची के आधार पर SIR फॉर्म भरा, लेकिन बाद में चुनाव आयोग की ओर से ही उम्र में बदलाव कर दिया गया। यह पूरी तरह से चुनाव आयोग की त्रुटि है, इसके बावजूद गलती का खामियाजा मतदाताओं को भुगतना पड़ रहा है, जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण है।
हामिद जाफर मीसम ने आगे आरोप लगाया कि नियमों के अनुसार जहां 11 दस्तावेजों में से केवल एक दस्तावेज स्वीकार किया जाना चाहिए, वहीं एईआरओ (AERO) द्वारा मतदाताओं से अतिरिक्त दस्तावेज मांगे जा रहे हैं, जो न तो न्यायसंगत है और न ही नियमों के अनुरूप। यहां तक कि संबंधित अधिकारी भी इस विषय पर संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहे, जिससे बड़े पैमाने पर वोट काटे जाने की साजिश की आशंका गहराती जा रही है।
उन्होंने बताया कि इस पूरे मामले को लेकर एसडीएम से वार्ता की जा चुकी है। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो समाजवादी पार्टी न्यायालय का सहारा लेगी, लेकिन किसी भी कीमत पर मतदाताओं को उनके संवैधानिक मताधिकार से वंचित नहीं होने दिया जाएगा।
- ब्यूरो रिपोर्ट
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