ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर नकल के एड, सोशल मीडिया पर बिक रहे सवाल: SAT समेत बड़े एंट्रेंस टेस्ट की सुरक्षा पर सवाल

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया पर SAT समेत बड़े एडमिशन टेस्ट के पेपर बिक रहे हैं। डिजिटल SAT में नकल से अमेरिकी कॉलेज बोर्ड की सुरक्षा पर सवाल।

Feb 4, 2026 - 10:59
 0  0
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर नकल के एड, सोशल मीडिया पर बिक रहे सवाल: SAT समेत बड़े एंट्रेंस टेस्ट की सुरक्षा पर सवाल

नई दिल्ली, अचल वार्ता:-

हर छात्र का सपना होता है कि वह अमेरिका जैसे देशों में जाकर उच्च शिक्षा प्राप्त करे। इस सपने को पूरा करने के लिए माता-पिता अपनी जिंदगी भर की कमाई बच्चों की पढ़ाई पर लगा देते हैं। लेकिन अब अमेरिका के प्रतिष्ठित कॉलेजों में दाखिले के लिए होने वाले स्टैंडर्ड एडमिशन टेस्ट (SAT) की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया पर नकल कराने के विज्ञापन और पेपर बेचने के मामले सामने आए हैं।

डिजिटल SAT भी नकल से नहीं बच पाया:

SAT परीक्षा साल में 7 से 8 बार आयोजित की जाती है। अमेरिकी कॉलेज बोर्ड के अनुसार, इसके तहत 187 देशों में 1700 से अधिक टेस्टिंग साइट्स हैं। तीन साल पहले कॉलेज बोर्ड ने लिखित परीक्षा की जगह डिजिटल SAT शुरू किया था, यह दावा करते हुए कि हर छात्र के लिए अलग सवाल होने से नकल पर रोक लगेगी। लेकिन हकीकत इसके उलट सामने आई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, SAT के सवाल इंटरनेट, सोशल मीडिया और खासतौर पर चीनी वेबसाइट्स पर लीक हो चुके हैं। इससे दुनियाभर के उन छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ गया है, जो अमेरिकी कॉलेजों में दाखिला लेने की तैयारी कर रहे हैं।

पेपर पहले ही हो रहे लीक:

नवंबर में एक SAT ट्यूटर ने कॉलेज बोर्ड को जानकारी दी थी कि परीक्षा से कई महीने पहले पूरा प्रश्नपत्र ऑनलाइन उपलब्ध था। चीन की एक वेबसाइट Bluebook.plus SAT प्रैक्टिस टेस्ट के नाम पर ऐसे सवाल उपलब्ध करा रही है, जो असली परीक्षा जैसे ही बताए जा रहे हैं। छात्र इसमें शामिल होने के लिए पैसे देते हैं।

चौंकाने वाली बात यह है कि कॉलेज बोर्ड के आधिकारिक डिजिटल टेस्ट प्लेटफॉर्म का नाम भी Bluebook है, जिससे छात्रों को भ्रमित किया जा रहा है। वेब ट्रैफिक साइट SimilarWeb के अनुसार, नवंबर महीने में Bluebook.plus पर करीब 8.75 लाख विजिटर आए।

दूसरे एंट्रेंस टेस्ट भी चपेट में:

धोखेबाजों ने केवल SAT ही नहीं, बल्कि लॉ स्कूल एडमिशन टेस्ट (LSAT) और ग्रेजुएट रिकॉर्ड एग्जामिनेशन (GRE) जैसे डिजिटल एग्जाम्स में भी सेंध लगाई है। इससे अंतरराष्ट्रीय परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर चिंता बढ़ गई है।

कॉलेज बोर्ड ने मानी नकल की बात:

अमेरिकी कॉलेज बोर्ड ने स्वीकार किया है कि SAT में चीटिंग के कारण लगभग 1 प्रतिशत टेस्ट स्कोर प्रभावित होते हैं। बोर्ड ने यह भी माना कि कुछ देशों में परीक्षा से जुड़ा कंटेंट शेयर करने की कोशिशें हुई हैं। कई SAT प्रेप वेबसाइट्स खुले तौर पर ब्लूबुक की सिक्योरिटी तोड़ने के तरीके बता रही हैं।

रिमोट एक्सेस से कराई जा रही परीक्षा:

ऑनलाइन विज्ञापनों में यह तक दावा किया जा रहा है कि छात्र के कंप्यूटर का रिमोट कंट्रोल लेकर परीक्षा दी जाती है। दुबई स्थित कुछ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर सवाल बेचे गए, जिन्हें डेटा स्टोरेज साइट Scribd पर पोस्ट किया गया था। एक यूरोपीय ट्यूटर के मुताबिक, छात्रों ने गूगल डॉक्यूमेंट्स पर भी प्रश्न साझा किए।

कॉलेज बोर्ड के अनुरोध पर Scribd से कई टेस्ट हटा दिए गए हैं, लेकिन चीन में सक्रिय Bluebook.plus जैसी साइट्स पर अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है।

चीन ने SAT पर लगाई रोक:

इन सभी घटनाओं के बीच चीन सरकार ने देश में SAT परीक्षा पर रोक लगा दी है। अमेरिका में एक चीनी छात्र ने चीनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नकल सेवाओं के विज्ञापन देखने के बाद लॉ कॉलेजों की प्रवेश परीक्षा में हो रही धांधली का खुलासा किया था।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0